ऊपर पहाड़ नीचे कंकड़ हे शंकर कैसे करु तेरी पूजा।
Author: Pushpanjali
जब आऊं मैं तेरे द्वारे
रहे मेरे मुख में सदा तेरा नाम, ओ राधा के श्याम,
जय महाकाल राजा, भोले जय गौरी नाथा
रिमझिम रिमझिम करती म्हारी, मात भवानी आवे रे ।
माताजी रा मिन्दरिया में,
बांध्यो रे हिण्डोलो,
जिस घर में मैया का,
सुमिरन होता,
मेरे सर पर श्यामधणी की मोरछड़ी लहराती है
धन धन अंजनी का लाला बजरंगबली मतवाला
मीरा बाई नचदी, साँवरे नूं दसदी,
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