पल्लू लटके मैया का,पल्लू लटके
Author: Pushpanjali
गऊ चराने में शर्म करे और कुत्ता घुमावे शान से
सखी ये मेरी नथली खुगी,मैया के मेले में।
रंग बरसे महारानी भवन में रंग बरसे।
में तो सत री संगत में जाऊंला।राम गुण हरी गुण गाऊंला।
ओ मैया तेरा सोलह सिंगार है।
लांगुरिया लेकर आयो रे मेरी गोटेदार चुनरिया,
खोल दे खजाने मां निहाल कर दे
कुष्मांडा मैया की महिमा गाए सारा जहान
मेरे पास तुम रहो
मेरे पास ही रहो
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