तीरथ है धाम है, गुरुवर आपके चरणों में
Author: Pushpanjali
शब्द नहीं जो बोल सकूं यह रिश्ता क्या कहलाता है।
भजन बिना कोई न जागै रे, लगन बिना कोई न जागै रै।
मिट्टी दा बनाया हो गणेश, बनाया हो गणेश, गोरा तेरा हो लाडला।
अंगना में ढोलकी बजे कीर्तन का बहाना है।
सुरता होजा नी भजन वाली लार,
दिखाऊँ थाने राम नगरी,
मेरा दिल तो श्याम ने लूट लिया, लूटवा दिया राधारानी ने।
भोले ने तैयारी कर ली हरिद्वार के लिए
गुरु जी मेरी रंग दो चुनरिया रंग रंगीले में,
कर दो मेरा भी उद्धार,
नैया डोल रही मजधार,
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