जाके पढ़े पार हो जाए जग में रामायण सुखकारी।
Author: Pushpanjali
जीता हारे को दे वही श्याम हमारा।
सुखी मेरा परिवार है,
ये तेरा उपकार है,
सावन में सावन में, भोले को मनालो सावन में।
मैं कब से खड़ी हूं दर पर तेरे मेरे भोले तुझको ध्यान नहीं।
मोकों कहाँ ढूँढ़े बंदे, मैं तो तेरे पास में।
अमला में लेरा लेवे मारो शिव भोला भंडारी।
शंकरा शंकरा देवों के महादेव।
मैया यशोदा सुन ले पुकार,कान्हा ने धर दई शर्म उतार
कर दो नजरे करम लाडली,
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