मेरे गिनियो ना अपराध, लाडली श्री राधे ,
Author: Pushpanjali
बड़ा आनंद आवे रे भोले तेरे सत्संग में।
ओढ़ चुनरिया नाचे बावरी, नाचे बावरी, पी के प्रेम में पागल।
श्याम मेरा नाचे है मोर बनके, मुझे नाचना ना आवे।
धरो हाथ अपनी छाती पर फिर पाटेगा बेरा रे।
इस ऋषि मुनि के आश्रम में, सिया लव कुश को समझाएं रही
बाबा एकर तो दरबार में,
बुलाई लीजे रे,
मालासेरी डूंगरिया में मुरली बाजी रे
मेरा खाटू वाला श्याम कर देगा तेरी बल्ले बल्ले।
श्याम के प्रेमी रुकते नहीं है किसी के रोके से।
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