तू माने या ना माने दिलदारा,असां ते तेनु रब मनया
Author: Pushpanjali
कब देखूं नूर तुम्हारा, अब जग से कहां हमारा।
अपने तो अपने होते हैं।
कैसे मनाऊं बिगड़ गयो रे, भोले तेरो लाला मचल रहयो रे
चोखा सुगना में लीलन हिनहिनाई। तेजा देवे थाने युद्ध री बधाई।
यह जो सिली सिली औंधी है हवा
देयी दे देयी दे मेरी बांसुरी ,राधा तेरे किस काम की
पाप कट जाएंगे रे मिट जाएंगे, तो भोग मोदक लगा।
यशोदा तेरे कान्हा ने समझा दे यो तो घणो बिगड़ गयो रे
बेगा चालो जी दादी को आयो मावस को त्यौहार, बेगा चालो जी।
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