आया है सारा परिवार ओ बने तेरी हल्दी में।
Author: Pushpanjali
हल्दी लगाओ रे, तेल चढ़ाओ रे
अवन पवन री चिडकलियो
में थाने पूछूं सुन म्हारी तुलसा कुन थारो बाग लगाया रे।
कान्हा से तुम्हें मिलाई दूंगी घर आना ग्यारस मैया।
अभी तो मेरा दिल दीवाना है जी।
सोजा मेरा नंदलाल मोहे ना निहारो।
गुजर जाएगा जीवन प्रभु के सहारे,
शिव त्रिलोको के स्वामी,मानव दानव के राजा
शंकर संकट हरना
ओ बहना मत पूछो मेरी बात मेरे संग धोखा हो गया।
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