जगमग जोत जले सरयू पे, शंख बजे जयकारा गूंजे।
Author: Pushpanjali
अवध में हो रही जय जयकार।
एक सच्चे सतगुरु ज्ञान बिना,दुनिया में अपना कोई नहीं,
चलो अयोध्या चलते हैं प्रभु राम के लिए।
किसी का रहा नहीं अभिमान।
रघुकुल के रघुनंदन स्वागत करें तुम्हारा
मिलकर बोलो रे बोलो रे बोलो जय श्री राम
राम के थे राम के हैं, हम राम के रहेंगे।
एक छोटी सी कहानी है सियाराम की
राम सिया राम,सिया राम जय जय राम
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