राहों में फूल बिछा दूंगी, जब मैया मेरे घर आएगी।
Author: Pushpanjali
कहीं दिल ना दिमाग में लगाऊंगी। नौ दिन नवरात्रि झुमके मनाऊंगी।
कर दो चौकी तैयार,कर दो शेर को तैयार, मां को दुल्हन बनाऊंगी में बड़े प्यार से।
आगे लाल लंगोट वाला पीछे भैरों बाबा,
बीच में भवानी आई रे मां कालका।
रंग बरसे रंग बरसे दरबार, भवानी रंग बरसे।
मेरी मां पूनम का चांद, ओ चांद,माथे पे बिंदिया चमक रही।
मैया खोल दे आज दरबार, सवाली तेरे दर पे खड़े।
सारे भक्तों बजाओ ताली, कि नाच रहीं शेरावाली।
फुलवारी में फूल है गुलाब के। मेरी मैया के नो दिन बहार के।
मेरे घर में मैया तेरा वास चाहिए
You must be logged in to post a comment.