मेरी बिगड़ी बनाने वाला, मेरा श्याम सांवरा है
Author: Pushpanjali
प्रभु ने गले लगाया, हनुमान रो रहे हैं,
थारी मोर की छड़ी को,फटकारो लागे
श्याम ने सुणा दे तेरे मन की बाता,
राम रघुवर की प्राण प्रिया, भजो रे मन सिया सिया।
पिला रे पिला कई करो सहेलयों ये,पिला पिला बाबाजी रा भेष
रोज रोज का ओलमा क्यों,
ल्यावे म्हारा कानुड़ा
म्हारो पिलो पिलो बाबो मन भावे सा,
झीने घूँघट में गोरी को मुखड़ो पलका मारे रे,झीने घूँघट में
घडला डूब जा म्हारो परनोडो तिसायो जावे रे घड़ल्या डूब जा।
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