दर पे बुला ले श्याम धणी,
अब और सहा नहीं जाता है,
Author: Pushpanjali
जब जब तेरा मन घबराए,
श्री श्याम दर आ जाना,
कष्ट मिटावे बाला भुत भजावे,
हम तो फूल श्याम तेरे बाग़ के पीड़ दे या प्यार से सवार दे।
एक तेरा भरोसा है एक तेरा सहारा है
हर बार संभालोगे विश्वास हमारा है
म्हारो बाबो म्हाने,
मायड़ बाबुल की जइयां,
पाले सा,
मेरा बाबा रंग रंगीला,
मैं तो नाचूंगी,
साँवरियाँ तू इस तरह मुझ पर मेहरबान है,
सांसो के टूटने लगे श्याम अब डोरे,
जो हारे का साथ निभाए,
बिगड़े काम बनाएं,
ऐसे तो श्याम बाबा हैं,
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