हारे के जो है सहारे वो बाबा श्याम हमारे। अपने भक्तों पर कृपा कर दे बहुत घनी। औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।घुमावे मोर छड़ी।घुमावे मोर छड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।
जो खाटू नगरी जावे, उसको हिवडे से लगावे।जो खाटू नगरी जावे, उसको हिवडे से लगावे। जिसे दुनिया सारी गिरावे,उसे बाबा श्याम उठावे।जिसे दुनिया सारी गिरावे,उसे बाबा श्याम उठावे। फिर कष्ट सभी मिट जावे, जो इनका झाडा खावे।हो पल में जग जाती है किस्मत सोई पड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।
सारे जग से जो है न्यारा, वह खाटू धाम हमारा।सारे जग से जो है न्यारा, वह खाटू धाम हमारा। कहीं श्याम कुंड का जल है, कहीं तोरण द्वारा प्यारा।कहीं श्याम कुंड का जल है, कहीं तोरण द्वारा प्यारा। मेरा श्याम बड़ा अलबेला, भक्तों का लगता मेला। अरे जाकर देखो चरणों में दुनिया है पड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।
मेरा रोम रोम खिल उठता, खाटू नगरी में आकर।मेरा रोम रोम खिल उठता, खाटू नगरी में आकर। मेरे श्याम धनी को रिझा कर ,मेरे श्याम का दर्शन पाकर।मेरे श्याम धनी को रिझा कर ,मेरे श्याम का दर्शन पाकर। मैं श्याम के चरण पखारूँ, तेरे दर पर उमर गुजारूं। चल राधिका शुकराना हो श्याम धनी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।
हारे के जो है सहारे वो बाबा श्याम हमारे। अपने भक्तों पर कृपा कर दे बहुत घनी। औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।घुमावे मोर छड़ी।घुमावे मोर छड़ी।औ लीले रा असवार घुमावे मोर छड़ी।