तीन बाण धारी का खाटू है धाम। हारे के सहारे खाटू श्याम को प्रणाम।हारे के सहारे खाटू श्याम को प्रणाम।
खा से खबर हमारी तुम पर, आ से आ ही गया तेरे दर पर। टा से टूटा या जो हारा, उ से उसको श्याम ने तारा। आ से यह मन में बस बसता जा रहा हूं। खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं। निशान हाथों में लिए, तेरी धुन में गा रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।
रास्ता कठिन मुझको, परखे है रात दिन, आया मैं आया बड़ी दूर से।रास्ता कठिन मुझको, परखे है रात दिन, आया मैं आया बड़ी दूर से। वक्त ने है जब मुंह मोड़ा, रिश्तों ने साथ छोड़ा, हारा में हर अपनों से। पहचान लेना मुझको, तेरे दर पर आ रहा हूं। हारे के सहारे दर्शन को आ रहा हूं।हारे के सहारे दर्शन को आ रहा हूं। मोर छड़ी रख देना, ढाती में गा रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।
तुम जैसा है कौन यहां ,बाबा जग में दानी। श्री कृष्ण ने कहा जैसा, बाबा तुमने मानी। जो भी पाया तुझसे पाया, तूने ही तो साथ निभाया, मैं तो फंसा था दलदल में। स्वस्ति चाहे इत्र बन, महके तेरे चौखट पर हर पल, छाया मैं रहूं हर पल में। भीड़ है लाखों की तेरे दर पर, बढ़ता जा रहा हू।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।
खा से खबर हमारी तुम पर, आ से आ ही गया तेरे दर पर। टा से टूटा या जो हारा, उ से उसको श्याम ने तारा। आ से यह मन में बस बसता जा रहा हूं। खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं। निशान हाथों में लिए, तेरी धुन में गा रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।खाटू वाले श्याम धनी, दर्शन को आ रहा हूं।