तर्ज, दीनानाथ मेरी बात
रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है। रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है।जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है ।
कोई कहे कुछ भी ना मुझको फिकर है ,
लोक लाज का भी मुझे अब तो ना डर है
लोक लाज का भी मुझे अब तो ना डर है ,
सिर पे जो हाथ तूने अपना फिराया है।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है
जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है। रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है। रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है।जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है ।
मेरे जैसे श्याम तेरे दीवाने हजार है,
मुझमे क्या ख़ास देखा लुटाया जो प्यारा है।
मुझमे क्या ख़ास देखा लुटाया जो प्यारा है,
हर एक साँस ने भी यही गुनगुनाया है,
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है
जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है।रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है। रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है।जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है ।
श्याम तेरे प्रेमियों का ऐसा परिवार है
रिश्ता नहीं है फिर भी प्रेम बेशुमार है,
रिश्ता नहीं है फिर भी प्रेम बेशुमार है,
तबसे हां मे भी तूने अपना बनाया है,
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है
जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है।रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है। रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है।जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है ।
आपके ही नाम से ही मेरी पहचान है,
भजनो से मोहित करू दिया मुझे काम है,
भजनो से मोहित करू दिया मुझे काम है,
सोच के ही श्याम मेरा दिल भर आया है ।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है
जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है ।रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है। रंग तूने प्रेम का जो मुझपे चढ़ाया है।
सच कहु जीने का मजा ही अब आया है।जिन्दगी में जीने का मजा ही अब आया है ।