फागुन में खाटू के माही सेवक घूमर घाले हैं। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
रंग रंगीलो फागण आवे सेवकियों हरसावे है। ले निशान खाटू ने चालयो बाबा श्याम बुलाव है। सेवकियारा सारा कुनबा बाबा देखे भाले है।मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
फागुन में खाटू के माही सेवक घूमर घाले हैं। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
कोई पेट पलानिया आवे कोई पैदल आवे जी। कोई बैठा गाड़ी ऊपर श्याम को ध्यान लगावे जी। श्याम सलोना सब भक्ता ने एक रंग में ढाले रे। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
फागुन में खाटू के माही सेवक घूमर घाले हैं। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
ढोलक चंग नगाड़ा बाजे हारमोनियम की पेटी जी। दादा दादी पोता नाचे नाचे बेटा बेटी जी। टाबरिया रो सारों संकट बाबा पल में टाले रे।मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
फागुन में खाटू के माही सेवक घूमर घाले हैं। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
महे भी चाला थे भी चलो श्याम रंग रंग जावां जी। फागुन में मंदिर के आगे खूब धमाल मचावा जी। रोमी के संग खाटू चलकर खीर चूरमा खा ले रे। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।
फागुन में खाटू के माही सेवक घूमर घाले हैं। मोटा मोटा सेठ बानिया ठुमक ठुमक चाले रे।