तर्ज, हम वफा करके भी तनहा रह गए
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए,
हम तड़पते ही तड़पते रह गए,
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए…..
हम विरह की वेदना सहते रहे,
सखियों की आंखों में आंसू बह गए,
याद में उनकी अकेले रह गए,
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए…..
याद में उनकी गोपियां रो रही,
रो रही सखियां बनो में घूमती,
हम बिलखते ही बिलखते रह गए,
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए…..
जीवन के साथी वह कान्हा कहां गए,
रो रहे ग्वाला सभी दर पर खड़े,
ना आए श्यामा आज की कह गए,
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए…..
कौन कारण ही श्याम मेरे रूठ गए,
कौन गली से श्याम मेरे मुड़ गए,
कर जोड़कर हम हरि गुण गा रे,
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए…..
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए,
हम तड़पते ही तड़पते रह गए,
दिल दुखा के श्याम मथुरा चले गए…..