जीवन की घड़ियों में कोई ऐसा भी पल आए
तुमसे मिलकर मेरे बाबा,
ये ज़िन्दगी मुस्कुराई है,
तेरा लाल रंग बड़ा प्यारा है
मैया ने किया है ईमेल कल शाम चलो चले सब मैया जी के धाम
चिठ्ठी आई है, आई है, चिठ्ठी आई है
प्रभु अपना बना कर तूने मुझे,
इस सेवक पर एहसान किया,
छत्र देखती ना माँ चुनरिया देखती,
भाव अपने भक्त का मेरी मैया देखती।
ले हाथ ढाल तलवार,
मुठ मजबूती,
काली कंकाली मैया,
शक्ति भवानी रे,
सेठ कहें तुम्हे सेठ सांवरा, दीन कहें तुझे दीनानाथ,
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