मेरी मईया शेरावाली सबके कष्ट मिटाती है,
चोटी के ऊपर चोटी, चोटी पर गुफा है छोटी
श्याम बाबा की कृपा से तुम, ना होना अनजान,
म्हारी कुल देवी मैया की साँची सख्लाई जी,
कागलिया गेरो रे मिठो बोल, गुरु सा आवेला जद पावणा,
श्रृंगार प्यारो लागे, दरबार प्यारो लागे, नैना निरखे बारम्बार, सिणगार प्यारो लागे।
सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार
शरणे आयो री लजिया रखो, मालिक मेरा,
सजा दो घर को कलियों से बृज में श्याम आए हैं,
श्रृंगार प्यारो लागे, दरबार प्यारो लागे,
You must be logged in to post a comment.