पंछी जाग सवेरा रे सतगुरु आए हैं द्वार
नैनों के तीर चलावे है
ये चपल नयन बनवारी।
तुम्हें बार-बार सुमिरु ओ राधे रानी।
बिन तेरे लाडली, दिल लगता ना मेरा,
श्याम नाम जो नित जप ले, सारे दुखों को हर के,
मेरी अम्बे तू कल्याणी देवी तू वरदानी,
दुःख में बन्दे ना घबराना ना कर ऐसा वैसा,
मेरे मन में हैं
मेरे मन में हैं राम मेरे तन में है राम .
मेरे नैनों की नगरिया में राम ही राम ..
भक्तो में एक भक्त मेरे,
हनुमान बड़े हैं प्यारे,
बाला जी शरण तेरी आया मैं,हे माँ अंजनी के लाल,
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