तेरी चौखट पे ऐ श्याम प्यारे, सर हमारा झुका ही रहेगा,
रजा क्या है तेरी मोहन, क्यूँ इतना आज़माते हो,
पूर्व ढूंढा पश्चिम ढूंढा, मैंने ढूंढा सब संसार रे,
तुम कहां छुपे हो सांवरिया…..
लेके हाथों में खड़ताल ही दम जपते राम राम,
छम छम नाचे जी नाचे देखो वीर हनुमान…..
जय हो पवन कुमार तोरी शक्ति है अपार,
हे बजरंगबली बिनती सुनले ले हमार….
मोरी टेर सुनो ब्रज के वासी,
ओ गोवर्धन गिरधारी।।
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता,
बम-बम भोला हो अयला शशिपुर गाम,
मोरे स्यामल वरन के राम,
राम मोहे प्यारे लगें।।
मेरी शेरों वाली मां” ओ मां,
भगतों की झोलियाँ भर देना…..
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