श्याम नखरारो है, बड़ो मतवारो है,
ऊँचे पहाड़ों वाली, जगदम्बे राज रानी,
तेरी सुरतिया जबसे निहारी, मैं तो लूट गई री बाँके बिहारी,
खाटू में सज धज कर बैठा, सांवरिया सरकार,
मेरी श्याम सोइ किस्मत जगा दो, मैं चल ना सकूंगा मुश्किल डगर पे,
भोले जी ओ भोले जी, गोरा पति ओ भोले जी। पीके तेरी भंगीया मेरा तन मन डोले जी।
लीले चढ़ आओ म्हारा श्याम भगत थाने आज बुलावे है
आओ आओ म्हारा सांवरिया थे आंगण में,
सांवरिया के ठाठ निराले, ऊँचे ऊँचे खटके,
आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे,
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