सांवरिया म्हारे आंगनिया में आजो, म्हारे आँगन बेगा आज्यो,
मेरी राधा रानी यमुना किनारा झूले आज
यही बस आस है, जनम की प्यास है, सांवरे यार का, दरश मोहे मिल जाए,
राधे बिन श्याम तुम आधे, राधे भी आधी, संग में है दोनों,
झूठी दुनिया से मन को हटा के, प्रभु चरणों में नेह लगा के,
कान्हा ने बजाई बंशी, होठों से लगाई बंशी, फिर जाने क्या हो गया,
कान्हा तेरा जन्मदिवस, हम सब मिल के मनायें,
मन गाए मेरा मन गाए राम जी का नाम मेरा मन गाये
मुरलिया वाले से,नन्द के लाला से, उन्हीं पे जीवन निसार हो गया है,
खाटू की गलियों में घुमे सांवलियो सरकार
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