बीत जाए, यह जीवन हमारा,
किशोरी, तुम्हारे चरनन में,
सबकी बिगड़ी को बनाए बजरंगी,
गौरा के संग में गजानंद खड़े मोसे बोलत नाय
ना मारो ठोकर मैया जी,
मैं दुनिया का सताया हूं,
दो दिन की जिंदगानी रे प्राणी काहे, करे तू गुमान रे,
तेरे दर्शन की माँ मन में है कामना,
राधे कृष्ण जप ले रे मन, झूठा है यह जग सारा,
देखो कन्या बन के आ गई मेरी महारानी,
लागी गयो लागी गयो, लागी गयो रे, वल्लभ थारो रंग, मने लागी गयो रे ।।
पोहंचा माँ के द्वार के अब कोई दिकत नही है।
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