गुरु पूजा दा त्योहार, जय जय कार जय जय कार,
भोले चला नहीं जाता सावन का मेला आ गया,
भोले तेरा अंत ना पाया,
भोले नाथ कैलाश वासिया,
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, मैं नया पुजारी आया हूं,
ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे,
रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं,
तू बोल कोयल बोल साँची, म्हारो बाबों कदे आसी
किस्मत पर नाज करूँ, जिन कुशल गुरु जो मिले,
चलती है सारी श्रष्टी, महाकाल के दर से।
क्यों घबराता देख के तूफान, तुझको पार लगाएगा बाबा,
सतगुरु जी आया मारे पावणा,
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