ओ सांवरिया सरकार, मेरी नाव पड़ी मजधार
क्यों घबराता देख के तूफान, तुझको पार लगाएगा बाबा,
दो सल्या में इबकै भोले तेरा यो मेला आया से,
मेरा बार बार प्रणाम बिहारी तेरे चरणो में,
मैं हु भगत तुम्हारा बाबा
मेरा खुशियों में खेले परिवार गुरु जी,
अंगना में मेरे आना गुरुजी,
मन से ना हम को भुलाना गुरुजी…
बम भोले जयकारा तू लगा कावड़ियाँ,
शुक्र करा मैं गुरूजी तेरा शुक्र करा मैं,
बण गया सरूर और होया ढंग सै,
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