मैं तो नन्द बाबा के घर जाऊंगी
हाँ बधाई लेके आउंगी।।
थारे नाम का ज़माना है दीवाना,
बालाजी थारे नाम का,
बाबा नन्द के लाल, मैं वारि वारि वारि जावा,
चलो नंद यशोदा के द्वारी,
ब्रज में प्रगटे हैं सारे जग के पालनहारी,
कान्हा हम तो लूट गये तेरे प्यार में,
जाने तुझको खबर कब होगी।
अघोरी बाबा कद म्हारी, अर्जी सुणोला
हरि आया छे गोकुल तारवा ने, तारवा तारवा उबारवा ने,
बाबा बुला जे रे, माने खाटू नगरी,
खाटू नगरी रे थारी श्याम नगरी,
बाबा बुला जे रे।
राधे ब्रज जन मन सुखकारी, राधे श्याम श्यामा श्याम।
भोले पर्वत की ऊंची चढ़ाई रे,
मैं तो तेरे दर्शन को आई रे।
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