मैया नवरात्रों में मेरे घर भी चली आना,
चली चली रे भवन माँ के चली रे
गणपत लाला को मनाने हम भी आए हैं,
यह है राधा का गांव बरसाना,
श्याम मुरली यहां ना बजाना।
झूला, झूल रही मेरी मईया, संग में झूल रहे हनुमान
साऱी दुनिया ने ठुकराया,
तूने मुझे अपनाया
ओ बाबा मेरा बेड़ा पार लगाया।
आई मैं तोरे अंगना माँ भवानी,
जय बाबा की बोल जोगिया,
जय बाबा की बोल।
अंगना पधारो गणराजा,
सोये भाग जगा दो गजानन,
मूल विकदा हरी मिल जावे लै लवा जिंद वेच के,
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