मेरा श्याम ने पकड़ा हाथ, की रहता हर पल मेरे साथ,
क्यों घबराये मन मेरा जब, मुझको ये अहसास है,
जो बना दोगे बन जाएंगे जहा भेजो चले जाएंगे,
मां दुर्गे से काली कैसे बनी,
मां से बढकर कोई,
नहीं दूजा है नाम,
इक बार बुला मुझको,
मैं दौड़ा आऊंगा,
मेरी मैया, भोली मैया,
उपकार करते रहना,
ओ खाटू वाले तू मेरी जान,
सिया राम जी के चरणों के दास बालाजी
धीरज बाँध के अर्ज लगाले तेरो जनम सुधर जासी
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