मेरे मन मंदिर में एक बार तुम आ जाओ गिरिधारी।गिरिधारी बनवारी
हारे के सहारे अब तो आकार ले सम्भाल॥
सांवरिया छोड़ ना कलाई,
मेरी थामके।
चोरी करके तुम माखन खाया न करो।
लीले की सवारी तीन बाण धारी,बाबा मेरी सुध लिजयो
भक्तों का लाडला श्याम वो खाटू का सांवरिया
रथड़ो धीरे धीरे हाको,सांवरा वृन्दावन ले चाल।
बन्ना बन्नी से कहे बोलो मिलोगी कहाँ,
अखियां ये रोए बाबा याद में तेरी।
तिरछी चितवन से करके इशारे,
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