लिख लिख अरजी भेजू रुणीजे, महलो में पोढो रामा रे।
बेटी हूं महाकाल की,
प्रेमियों ने जो बनाया बन गए।प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए
चलो सभी मिलकर हो जाओ तैयार महीना आया सावन का।
जो भी मिले उसे बम बम बोलिए।
हे दुख भंजन अलख निरंजन, कृपा करो सब पर भोलेनाथ
मैया भोले ने बोय दई भंगिया।
धूनी रमाए भोले काशी की नगरिया,
मेरे बांके बिहारी बांके सनम,
मैं तेरा हो गया तेरे प्यार की कसम,
श्याम हमारे कर दे वारे न्यारे।
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