मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
आज सखी ऐसे मनाईयो भोलेनाथ को।
जटा से गंगा टपके ओ डमरू वाले
मेरे सांवरे को,बंगलो खाटू में,
चल काँवरिया, चल काँवरिया
भोले की आई है बारात सबको बधाई हो।
एक लम्हा सौ सवाल, सौ में बस शिव का खयाल।
जय हरि श्री हरि जय जगन्नाथ,
सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे
मुरलिया करत हिया में झंकार।
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