छन छन करती नन्ही परी जब दौड़ी दौड़ी आती है
मुझको तू ले चल साधु भोले के दर पे
मैं दास उसी का हूँ
मेरा मालिक है शिवाय
सूरजगढ़ निशान में तू, जा के देख ले
गौरा जी को भोले का योगी रूप सुहाया है
मेरी बात बन रही है, तेरी बात करते करते
शिव शंकर की आयी है बारात,
चलो सखी दर्शन करे ,
घंटा बोले रे मेरे भोले के दरबार में
तुम दूर ना होना शंभू, मैं किसी और का हो ना पाऊंगा
शिव मेरे भोले भाले हो, भक्तों के दिल में छाए हो।
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