घुटवन घुटवन डोले श्याम की पायल छम छम बोले।
गणेश चतुर्थी की कहानी
गणेश चतुर्थी कथा
चलो री सखी मधुबन में कान्हा देखे बाट।
भोले भाले, भोले, भोले भाले।
कर जोगन का भेष मिलेंगे श्याम सुंदर से मिलेंगे श्याम सुंदर से,
जय जय नंद नंदा,बृज चंदा, आनंद कंदा गोविंदा।
खूब बजाई रे कान्हा खूब बजाई रे। मधुर मधुर बंसी खूब बजाई रे
मेरी अखियां प्यासी है आकर दरस दिखा जाओ
मन में श्याम बसा है मन में श्याम बसेगा।
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