हम पागल है पागल तुम्हारे नाम के।
मेरा वीर बलि हनुमाना प्रभु राम का बनके दीवाना मस्ती में नाच रहा,
पीयो जी श्याम ठंडो पानी, ठंडो पानी।
हर प्रेमी तेरे मतवाले लिए छप्पन भोग निराले
राधा की हवेली मेरी राधा की हवेली।
मेरा श्याम दिलदार बड़ा सोना मैं देखूं बार-बार इसको।
आओ गणपति देवा तेरे मिलकर गुण गावा।
तुम मोर मुकुट कित भूल हो कान्हा कर लो ना याद।
देखूंगी तेरा मिजाज सजना।
हाथों की हथकड़ी पांव की बेड़ियां खुल गए स्वयं ताले आनंद आ गया
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