हाथों में प्रसाद है मेरे बाबा तुम्हारा
ओ श्यामा मेरी तुम ब्रज की हो महारानी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊंगी।
मेरा वृन्दावन आना तेरे लिये
आजा आजा प्यारे श्याम के द्वारे।
आज द्वारिकानाथ मेरी विनती सुनो घनश्याम
नैना वालों काजलियो बनाए, एजी काजलियो बनाए
हे शिवाय शंभू जग की डोर तेरे पास है
मैं राधा वल्लभ की राधा वल्लभ मेरे।
तेरी भक्ति में है नशा, तुझे ढूंढूं यहां वहां
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