रात भादो की थी छाई काली घटा
देवकी ने जन्म दिया यशोदा ने खिलाया है।
जन्मा है गोपाला आई है जन्माष्टमी आई।
घर आया मेरा नंदलाला मोर मुकुट मुरली वाला।
नंद के आनंद भयो,
जय कन्हैया लाल की
कान्हा तू गुड़िया में गुड्डा बनू।
तुम रह सखियों के साथ ओ राधा भूल गई कान्हा को।
सज गई गोकुल नगरी सारी जन्मदिन आया कान्हा का।
रामा जन्मे है कृष्ण कन्हैया परम सुख दईया नू होय
लड्डू गोपाल प्यार लड्डू गोपाल जी। लड्डू गोपाल मेरा करता कमाल जी।
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