रखो हाथ ढाल तलवार मुठ मजबूती,
फूलों से सजाया दरबार दुर्गे मैया आ जाना।
काली चली महाकाली चली।
मतवाला भैरू आवीया रे हो बाजा बाजीया रे।
अंबे रानी को बुलवाऊंगी पड़ोसी नचवाऊंगी।
रंग चढ़ेया रंग चढ़ेया शेरावाली दा मैंनू रंग चढ़ेया
बेगा बेगा आईजो हो माताजी म्हारे आंगनिये
पकड़ लो मैया जी आकर मेरा हाथ।
हूं में दुखियारा, मां कर तूं सहारा।
अंगना पधारो है महारानी।
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