बाजत सरस बधावा हो रामा अवध नगर में।
मैं पतंग हु प्यारे तेरे हाथ है मेरी डोर,
राजतिलक की हो गई तैयारी, आ गए हैं भगवाधारी।
बोलेंगे बोलेंगे हम बोलेंगे जय श्री राम बोलेंगे
राम जी आए हैं आए हैं राम जी आए हैं।
हाथ में रुमालयो रे कान्हा कांधे मटकी,
मेरे राम के राजतिलक की हो गई तैयारी।
अयोध्या सजाओ दीप जलाओ, फिर से घर लौटे श्री राम
गाइए ना गाइए ना राम राम राम
मेरे राम आए हैं सिया राम आए हैं।
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