दुनिया से जो तू मांगे
तेरी शान जायगी
शेरों वाली का
सेवक है संसार पहाड़ो वाली का ।
आवे आवे सिंह पर सवार हो मारी महारानी।ओ म्हारी जगदंबे।
मेरा श्याम साकी बन के आखों से मैं पिलाए।
भोले बाबा का वंदन आसन होता है।
खाटू वाले हमे बुला ले इकबार खाटू धाम
आसरो थारो है।
सदाशिव सर्व वरदाता,
दिगम्बर हो तो ऐसा हो ।
बाड़ी वाला बाड़ी खोल ,बाड़ी की किवाड़ी खोल
म्हारो त्रिलोकी को नाथ परिणीबा चाल्यो गोरा ने।
म्हारा माथ न मैमद ल्यावो,
म्हारा हंजा मारू यहीं रहो जी।
You must be logged in to post a comment.