इक जुग से में तरसा शेरावालीये
दर्शन को तेरे में ज्योतावालिये,
आओ जी आओ एक बार भवानी,
जब जब दुनिया में भक्तो पे अत्याचार बड़ा है,
छोटो सो चूहा लगे प्यारो हे गणपति बप्पा तुम्हरो।
शिव शम्भू ने जिसका बनाया अद्भुत रूप निराला,
पान पत्तों से निकले गणेश ललना।
गणराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज गजानद आवो जी ,
मारी सभा में रंग बरसावो जी।
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे,मुझे दे दर्शन गिरधारी रे।
तेरी सांवरी सूरत पै बारी रे।
बैठी बैठी घाटा मैं ,
जोगण्या लागै प्यारी ।
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