मेहँदा बोवन मैं गई कोई छोटे देवर के साथ,
चलो विनायक हम, विरद घर चले ।
सुन्दर-सुन्दर सगुन दिलावा ओ राज ।।
श्याम मेरे गालों पे रंग मत डालो।डालो तो डालो मेरी नथलि बचाए के।
म्हारा सतगुरु जाम्भाजी, म्हारा धिन गुरु जाम्भाजी।।
धीन घडी धीन भाग मारे, सतगुरु आविया रे,
मोहन आए बसो मेरे मन में,
मेरे मन में मेरे मन में,
एक बार आओजी जवाईजी पावणा
राधा गौरी के संग में, गोविंदा नाचे रे,
हम तो री माता गैंया पै चाले हमको कलेऊ देओ जी राज।
मेरी बिगड़ी बनाने आओं,
आओं मेरे घनश्याम,
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