रंग बरसे भीगे जटाधारी रंग बरसे।
पीर जी मिल जावे देऊ ओलबो, हे रामदे मिल जावे देऊ ओलबो,
गोरा जी को ब्याने भोलेनाथ आए हैं।
जादू मेरे श्याम जी का, सर चढ़ के बोले,
तू भी बन जा दीवाना श्याम नाम का
फिर जादू चलेगा मेरे श्याम का
फागुन मेला आ गया जी देखो फागुन मेला आ गया।
फागण की रुत ये लाई बहार, मन में उमंगे छाई अपार
तू काला काला मैं गोरी गोरी साँवरे,
कैसे खेलु तेरे संग होली साँवरे।
लेकर के पिचकारी कान्हा क्यों मेरे पीछे पड़गा।
तेरी रगड़ रगड़ घोटी है भांग, कहीओ मेरे भोले से।
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