दीदी संग ब्याह रचा कर फस गए हैं जीजा जी।
Category: shadi geet
सिंगारदानी छोटी हाय दईया दईया
बन्ना कैसे बनाऊं तरकारी ससुराल मेरी बागों में।
घेरदार घाघरो गुलाबी चुनर ओडी सा ।
वीरा आया भरण ने बाई रो भात लाया
पहले गणेश मनाओ, मनाओ रे बन्ना।
बन्ना खुद है भोला भाला, बन्नी लाया फूलझड़ी,
बाजे है ढोल ताशा देखो चौबार
नंदोई जी बने जनानी रे मैं गाली कैसे गाऊं
मैं बालम वहीं लूंगी जो हो पैसो वाला ।
You must be logged in to post a comment.