सासरियो रे आंगणिये में बाई हरख मनावे हैं
Category: shadi geet
आया आया आया रे, नया जमाना आया रे ।
औरों से हंस हंस बोले हमारा सैयां हमसे ना बोले।
निगाहें मजेदार सखी मेरी ननदी की।
लाडो चाली पिया के द्वार, करके चावल की बौछार,
रे वीरा गुड़ की भेली लाई मैं भात नोतने आई।
बहना थाने चुनरी उड़ाने आया।
अब कौन लड़ेगा मुझसे कौन चिढायेगा
म्हारे लाड कंवर को ब्याह रचयो है मंगल गावा जी हरख मनावा जी
सासु ताना ना मारो मेरा जिया जल जाए
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