आओ गोविन्द प्यारा आओ जी, मैं पकडू ला चरखी थे तो पतंग उड़ाओ जी,
Category: krishna bhajan lyrics कृष्ण भजन लिरिक्स
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन बहिरी
हमारे ठाकुर है गोविन्द राधे, ओ राधे भोरी भारी, गोविन्द सीधे साधे ।
बेला गुलाब जूही चंपा गुलनारी,
मोहन कहा जाए या माधव कहा जाए
तेरी द्रोपति बहनिया हो रही नगनिया, आज देखेंगे सारे राजा
छलिया छैल छबीले के मुकुट छटा साजे है टेढ़ी
लिखने वाले पूरा पूरा हाल लिख दे,
वृन्दावन मुझको बुलाले ओ बंसी वाले,
दो घूट ही पिला दे हमें प्यार की कन्हैया।
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