बनडो सो लागे रे,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
धीरे बरसो इंदर राज म्हारो खाटू वालो झूले।
परदो लगाकर कइया बैठा रे सांवरिया,
मुझको ले कर चलो मेरे बाबा के पास।
लीले घोड़े ऊपर, बाबा श्याम की सवारी,
सावन का महीना आया है, बहार के लिए
वह श्याम धनी मेरा हां शीश का दानी है।
सुख दुःख हो जीवन में,हो कैसे भी हालात,
हर पल साथ रहे तू, पर मैं समझ ना पाया।
हे श्याम चले आओ, घनश्याम चले आओ।
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