हमेशा प्रेम वाले,
सांचे में ढाल के रक्खे,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
तेरे चरण कमल में श्याम, लिपट जाऊं रज बनके,
जो श्याम पर फिदा हो,
उस तन को ढूंढते है,
दीदार निराला है तेरा,
श्रृंगार निराला है तेरा,
श्याम धणी संग,
जबसे प्रीत लगाई है,
नैन मिले बात बनी बात बनी प्रेम बड़ा, मैं प्रेम में तेरे खो गया
सर पे मोर मुकुट है साजे,
और घुंघराले बाल,
सांवरे क्या कहना,
साँवरे साँवरे साँवरे,
तू छिपा है कहाँ,
तुझको ढूढ़े यहाँ,
चिट्ठी आती है ना तार आता है
फिर खाटू दर्शन को संसार जाता है।
मेरी चिट्ठी आई है उस खाटू के दरबार से,
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