भीगी पलकों तले,
सहमी ख्वाहिश पले,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
याद तेरी फिर आयी खाटू श्याम जी,
क्यूँ रूस के बैठ्यो है,
अब तू ही बता के खता मेरी,
मालिक म्हारो सांवरियो,
बन गयो मैं तो चाकरियो,
जिसे श्याम तेरी चाहत होगी,फिर ना किसिकी चाहत होगी
खाटू के राजा का, होगा ये धाम अर्जुंडा में,
तुझे सांवरे हमेशा अपने करीब पाया,
खाटू वाले श्याम तेरा, सच्चा दरबार है,
मेरी बिगड़ी बनाने आओं,
आओं मेरे घनश्याम,
स्वीकार हमें करले,
हम दुखड़ो के मारे है,
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