यह काई लखन सीख्यो रे कानुडा माखन चोर खाबा का।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
दरबार में सरकार के,
नाचेंगे हम छम छम,
मन में बाजी शहनाई, के फागण आया है,
जब फागुन मेला आए,
श्री श्याम ध्वजा लहराये,
आयो रे आयो रे,
फागण आयो रे, मन भावन आयो रे,
मांड्यो श्याम को रंगीलो फागण, सग़ळा आईज्यो रे, आयो फागणियों,
फागण की आई बहार खाटू धूम मची,
फागण का मेला है और चढ़ी खुमारी है,
मंदिर से निकल आ सांवरिया, फागण का रंग तोहै चढ जाएगा
यह बाल घुंघराले नैना काले काले,
नज़र सावरे लग ना जाए कही,
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