जाने कितनो की किस्मत यहाँ आके सवरी है,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
तुमसे मेरा ये जीवन तुमसे ही शान है ,
सजा है सांवरे दया का द्वार
छोड़कर के कहाँ जाएँ हम ,
खाटू में बैठा बाबा श्याम ,
स्वर्ग से सुन्दर इनका धाम ,
सारी दुनिया घूम लिया हूँ मैंने परखे रिश्ते सारे
श्याम तुम ही बताओ ना ये कैसा अपना नाता है ,
मैं उस दरबार का सेवक हूँ,
जिस दर की अमर कहानी है,
ना मैं राधा ना मैं मीरा,
ना मैं सुदामा जैसी हूँ,
मन में उठन लागी हूक, सांवरिये के नाम री,
आयो फागणियो रंगीलो, चाला खाटू नगरी …
जब तक सांस चले ये तब तक साथ निभाना ,
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